सुबह-ए-बनारस: अस्सी घाट पर हर भोर राग, योग और आरती
जानकारीपूर्ण पोस्ट · हैलोबनारस द्वारा संकलित
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शहर के पूरी तरह जागने से बहुत पहले अस्सी घाट सुबह-ए-बनारस से गुलज़ार हो उठता है — यह दैनिक प्रातःकालीन कार्यक्रम वैदिक मंत्रों, शास्त्रीय संगीत, योग और आरती के साथ गंगा पर सूर्योदय का स्वागत करता है। 2014 से चल रहा यह निःशुल्क आयोजन काशी की जीवंत संस्कृति को अनुभव करने का एक प्रिय तरीका बन गया है, जो पहली किरण के साथ स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों और यात्रियों को घाट की सीढ़ियों तक खींच लाता है। कई सुबहों में युवा कलाकार राग और नृत्य प्रस्तुत करते हैं और शहर की घराना परंपरा को आगे बढ़ाते हैं।
हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: Kashi Official Portal