महिंद्रा कबीरा फेस्टिवल नौवें संस्करण के साथ इस दिसंबर वाराणसी के घाटों पर लौटेगा
महिंद्रा कबीरा फेस्टिवल 4 से 6 दिसंबर 2026 तक वाराणसी लौटने को तैयार है और अपने नौवें संस्करण में संगीत, कविता और संवाद को गंगा के तट पर ले आएगा। महिंद्रा समूह द्वारा टीमवर्क आर्ट्स के साथ आयोजित यह उत्सव शहर के सबसे प्रिय सांस्कृतिक आयोजनों में से एक बन चुका है, जो पंद्रहवीं सदी के संत-कवि कबीर की कालजयी वाणी का उत्सव मनाता है—माना जाता है कि कबीर का जन्म काशी में ही हुआ था। जिस स्वरूप को नियमित श्रोता पसंद करते हैं, वह इस बार भी जारी रहने की उम्मीद है: घाटों पर भोर के कोमल राग जब नदी के ऊपर तैरते हैं, उद्घाटन संध्या पर गंगा आरती, और शाम ढले मनमोहक संगीत-संध्याएँ। प्रस्तुतियों के बीच उत्सव पुरानी गलियों में विरासत-सैर, इत्मीनान भरी नौका-यात्राएँ, विचारशील चर्चाएँ और बनारसी रसोई के स्वाद भी पिरोता है। पिछले संस्करणों में लोक और शास्त्रीय स्वरों के साथ फ्यूज़न प्रस्तुतियाँ भी सजी हैं, जिन्हें सुनने श्रोता हर साल लौटते हैं। वाराणसी के लिए यह उत्सव महज़ संगीत-शृंखला नहीं—यह याद दिलाता है कि घाट स्वयं एक मंच बन सकते हैं और कबीर का समावेश का संदेश आज भी यहाँ सहज रूप से अपना घर पाता है। प्रतिनिधि पैकेज और पूरी कलाकार-सूची तिथियों के करीब घोषित की जाती है; विवरण के लिए आधिकारिक माध्यमों का अनुसरण करें।
हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: Mahindra Kabira Festival (official) · Mahindra Group — Cultural Outreach